रविवार, 9 जून 2013

एक बार फिर मैं आ रहा हूँ अपनी कुछ नवीनतम हास्य रचनाओं के साथ waah waah kya baat hai




pyare dosto !
aaj raat ko 10 baje SAB TV par aane wale waah waah kya baat hai program ki shooting me bahut maza aaya tha .........geeton ke raja shri kishan saroj ji ke alava manch ke maharathi surendra yadvendra aur padm albela ne khoob saman bandhaa tha . mujhe to aisi masti chadhi thi ki gaate gaate main jhoomne laga tha aur mere saath saath sabhi log bhi naach uthe the ..........haalaanki main nahin jaanta ki maine jo sunaya tha us me se kitna aur kya dikhaya jaayega ? fir bhi aap se prarthna karta hoon ki apne is naacheez dost ko dekhna zaroor aur dekhne ke baad apna real comment bhi dena ....ho sakta hai aapko maza aaye, ho sakta hai aapko pasand hi na aaye..........lekin jaisi bhi aapki pratikriya hogi, main uska poorna vinamrata se swagat karunga .......to fir aaj raat ko 10 baje....okay ?
thank you
JAI HIND !










शुक्रवार, 7 जून 2013

अहमदाबादी रसियाओं द्वारा गुजरात में पंजाब के पुत्तरों का ज़ोरदार अभिनन्दन



अहमदाबादी रसियाओं द्वारा गुजरात  के आँगन में पंजाब के पुत्तरों का ज़ोरदार अभिनन्दन

गरमी तो बहुत थी उस दिन ....  आग बरस रही थी आकाश से ....परन्तु अहमदाबाद - गांधीनगर के मध्य स्थित  नारायणी रिसोर्ट में 2 7 मई  की दोपहर 2 बजे और इस्कोन मेगा मॉल में शाम 6 बजे जो कुछ देखने को मिला वह  अद्भुत और अभिनव था ही नयनो को शीतलता  प्रदान करने वाला भी था .

Lux  Cozi  द्वारा अपने वितरकों और विक्रेता बंधुओं के लिए  आयोजित इन शानदार आयोजनों में फ़िल्म यमला   दीवाना 2 के तमाम सितारे मौजूद रहे और उन्होंने  लोगों को   मस्ती बांटी . खासकर सन्नी दयोल और बॉबी दयोल ने गुजराती में  और रशियन अभिनेत्री  क्रिस्टीना ने हिंदी में  बोल कर तो गज़ब ही ढा  दिया . नेहा शर्मा  की  मृदुल मुस्कान पर  फ़िदा अहमदाबादी  इन सितारों से मिल कर, उनसे बात करके,  फोटो  खिंचवाके और  सन्नी के हाथों  एप्रिशिएशन सर्टिफिकेट प्राप्त कर के  मंत्रमुग्ध हो गए .

इन भव्य समारोहों का  मंच सञ्चालन मैंने किया  और खूब जम  कर किया . हँसा हँसा के लोटपोट कर दिया सब को ....हालांकि मेरे मित्र  राजकुमार भक्कड़ ने भी माइक पर आ कर खूब चुटकियाँ ली . जबकि  lux cozi के  प्रबंध निदेशक अशोक तोदी ने अपने सारगर्भित सम्बोधन में  बहुत सी अच्छी  बातें कहीं .

जय हिन्द !























गुरुवार, 30 अगस्त 2012

तीन सामयिक कह-मुकरियां




निर्दोषों का वह हत्यारा
जन जन ने उसको धिक्कारा
किया कोर्ट ने ठीक हिसाब
क्या सखि अजमल ? नहिं रे कसाब


वो सबका इन्साफ़ करेगा
नहिं हत्याएं माफ़ करेगा
ख़ून का बदला लेगा ख़ून
क्या सखि मुन्सिफ़ ? नहिं कानून  



हुआ आज हर्षित मेरा मन
करूँ ख़ूब उनका अभिनन्दन
काम कर दिया उसने अनुपम
क्या सखि मन्नू ? नहिं वोह निकम

-अलबेला खत्री 

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शुक्रवार, 24 अगस्त 2012

साजिशें खूंख्वारों की बर्बाद करें ....आओ सम्वाद करें

आओ सम्वाद करें
चमन में मुरझाते हुए फूलों पर
जंगल में ख़त्म होते बबूलों पर
माली से हुई  अक्षम्य भूलों पर
सावन में सूने दिखते  झूलों पर 
कि  कैसे इन्हें आबाद करें........आओ सम्वाद करें

गरीबी व भूख के मसलों पर
शहर में सड़ रही फसलों पर
भटकती हुई  नई  नस्लों पर
आँगन में उग रहे असलों पर
थोड़ा वाद करें, विवाद करें........आओ सम्वाद करें

शातिर रहनुमा की अवाम से गद्दारी पर
हाशिये पर खड़ी पहरुओं की खुद्दारी पर
मिट्टी के माधो बने हर एक दरबारी पर
बेदखल किये  गये लोगों की हकदारी पर
थोड़ा रो लें, अवसाद करें .........आओ सम्वाद करें

ज़ुल्म अब तक जो हुआ, जितना हुआ हमने सहा
न तो ज़ुबां मेरी  खुली और न ही कुछ तुमने कहा 
किन्तु अब खामोशियाँ  अपराध है
अब गति स्वाभिमान की निर्बाध है
तोड़ना है चक्रव्यूह अब देशद्रोही राज का
हर बशर मुँह ताकता है  क्रांति के आगाज़ का
बीज जो बोया था हमने रक्त  का, बलिदान का
व्यर्थ न जा पाए इक कतरा भी हिन्दुस्तान का
साजिशें खूंख्वारों की बर्बाद करें ....आओ सम्वाद करें ....आओ संवाद करें

जय हिन्द !
-अलबेला खत्री
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बुधवार, 22 अगस्त 2012

गुरुवार, 26 जुलाई 2012

"जय माँ हिंगलाज" के निर्माण ने अब तेजी पकड़ ली है

प्यारे मित्रो !

यह बताते हुए  मुझे अत्यन्त ख़ुशी है कि  आदि शक्ति  देवी हिंगलाज

 के भजनों और स्तुतियों पर आधारित  एक शानदार  वीडियो 


"जय माँ हिंगलाज" के निर्माण ने अब तेजी पकड़ ली है  और शीघ्र ही 

यह तैयार हो कर  हिंगलाज भक्तों  तक पहुंचे, इसका प्रयास मैं कर


रहा हूँ



-अलबेला खत्री


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मंगलवार, 3 मई 2011

तुम्हारी याद आती है, तो लाखों दीप जलते हैं





पवन जब गुनगुनाती है, तुम्हारी याद आती है

घटा घनघोर छाती है, तुम्हारी याद आती है

बर्क़ जब कड़कडाती हैं, तुम्हारी याद आती है

कि जब बरसात आती है, तुम्हारी याद आती है



तुम्हारी याद आती है, तो लाखों दीप जलते हैं

मेरी चाहत के मधुबन में हज़ारों फूल खिलते हैं

इन आंखों में कई सपने, कई अरमां मचलते हैं

तुम्हारी याद आती है तो तन के तार हिलते हैं


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मंगलवार, 2 नवंबर 2010

पढ़ने से सस्ता कोई और मनोरंजन नहीं



पढ़ने से सस्ता कोई और मनोरंजन नहीं


ही कोई ख़ुशी इतनी चिरस्थायी है



- लेडी मौन्टेगू

रविवार, 31 अक्टूबर 2010

अपने धर्म को भूल जाना सचमुच बुरे से बुरा काम है




अपनी त्रुटि का पता चलने के बाद उसे मिटाने में

थोड़ा भी समय नहीं खोना चाहिए

इसी में हम कुछ करते हैं ; यही नहीं बल्कि सच्चा काम करते हैं

इसके विपरीत आचरण करके

अपने धर्म को भूल जाना सचमुच बुरे से बुरा काम है


- महात्मा गांधी



बुधवार, 27 अक्टूबर 2010

फ़र्क देखो प्यार और व्यापार में............




प्यार


को

प्यार रहने दो

व्यापार बनाओ



व्यापार बनाते हो

तो

प्यार मत जताओ


क्योंकि प्यार लुटने का सोपान है

और व्यापार लूटने का सामान है


व्यवहार

दोनों का भिन्न है

इसीलिए

दुनिया खिन्न है


क्योंके

उत्साह में कर अत्यन्त

अतिरेक कर देती है

और दो विपरीत धाराओं को

एकमेक कर देती है


प्यार पपीहे का पावन तप है

जबकि व्यापार बगुला जप है


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मंगलवार, 26 अक्टूबर 2010

या तो ख़ुद फ़रिश्ता हो या सुनने के लिए फ़रिश्ते रखे




आधा घंटा से ज़्यादा उपदेश देने के लिए

आदमी

या तो ख़ुद फ़रिश्ता हो या सुनने के लिए फ़रिश्ते रखे



-व्हाईट फ़ील्ड


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शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2010

रिश्ते में तो हम हिन्दी के बेटे हैं और नाम है माणिक मृगेश


आइये मित्रो !


आज मैं आपको मिलवाता हूँ एक ऐसे महान हिन्दी सेवक से

जिनकी पूरी की पूरी जीवनचर्या अपने दैनंदिन रिदम के साथ

लगातार हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य को समृद्ध करने में

जुटी है


अनेकानेक सम्मान और पुरस्कार प्राप्त यह हस्ती पिछले दिनों

एक और बड़े सम्मान से सम्मानित हुई आइये अपनी बधाइयों

और मंगल कामनाओं के साथ मिलें इण्डियन आयल में सतत

सेवारत, बड़ौदा निवासी एक ज़बरदस्त कलमकार डॉ माणिक

मृगेश जी से.........................



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रविवार, 10 अक्टूबर 2010

केवल 13 घंटे शेष बचे हैं, कृपया जल्द से जल्द अपनी रचना भेजिए व 900 रुपये पुरस्कार प्राप्त कीजिये




प्यारे ब्लोगर साथियो !

हम सब सरस्वती और शब्द-ब्रह्म के साधक उपासक हैं, संयोग से

अभी शारदीय नवरात्र भी चल रहे हैं, ऐसे में यदि कोई स्पर्धा हो

जगत जननी माँ जगदम्बा के वन्दन की, तो क्या हमें बढ़ चढ़ कर

भाग नहीं लेना चाहिए ? लेना चाहिए ? तो लीजिये............मैंने

कब
मना किया ?


मैं तो केवल ये बता रहा हूँ कि इस स्पर्धा का परिणाम घोषित होने में

केवल 13 घंटे शेष बचे हैं इसलिए कृपया जल्द से जल्द अपनी रचना

भेजिए...और वाह वाही के साथ साथ 900 रुपये का नगद पुरस्कार

भी प्राप्त कीजिये


स्पर्धा के बारे में यदि आपको जानकारी हो तो ये लिंक देख लीजिये :


http://albelakhari.blogspot.com/2010/10/500-900.html



-अलबेला खत्री

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शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2010

बहुत याद आएगी आज अहमदाबाद के कवि सम्मेलन में अशोक भट्ट की ..........





आज अहमदाबाद में बहुत बड़ा कवि-सम्मेलन हैराष्ट्रीय स्तर के

इस काव्य-महोत्सव में अनेक सुप्रसिद्ध और नामी-गिरामी

कवि/कवयित्री काव्य प्रस्तुति देंगे


मैं भी जा रहा हूँ वहां ....लेकिन आज वो उत्साह नहीं है जो हमेशा

हुआ करता हैपिछले 25 वर्षों में अहमदाबाद के लगभग 300

कवि सम्मेलनों में मैंने काव्यपाठ किया है पर आज पता नहीं क्यों

जाने का मन भी नहीं कर रहा है



इस के दो बड़े कारण हैं...पहला तो ये कि जो अक्सर कवि-सम्मेलनों

की रौनक हुआ करते थे वे विद्वान पुरूष और विधानसभाध्यक्ष

श्री अशोक भट्ट अब हमारे बीच नहीं रहे....कल ही उनका अन्तिम

संस्कार हुआ है और दूसरा कारण है अहमदाबाद शहर की संवेदनशीलता



अयोध्या पर आये निर्णय के बाद किसी प्रकार की अशांति की आशंका के

दृष्टिगत अभी घर से बाहर निकलना है तो जोखिम पूर्ण परन्तु जोखिम

का दूसरा नाम ही तो है ज़िन्दगी............


सो जा रहा हूँ....................

भारी मन से ही सहीं, अपना कर्म तो करना ही है






बुधवार, 29 सितंबर 2010

प्रार्थना इतनी है रब्बा !




रक्त


में

रंगा



हो




आदमी

नंगा



हो




प्रार्थना

इतनी

है

रब्बा




अब

कहीं

दंगा



हो

रविवार, 26 सितंबर 2010

जिसने कहा था मेरा है लम्बा सफ़र बहुत, ज़ंजीर खींच कर वो मुसाफ़िर उतर गया




साहित्य पथ के सुपरिचित माइल स्टोन

कन्हैया लाल नन्दन नहीं रहे

विनम्र श्रद्धांजलि !



जिसने कहा था

मेरा
है लम्बा सफ़र बहुत,


ज़ंजीर खींच कर

वो
मुसाफ़िर उतर गया




गुरुवार, 23 सितंबर 2010

लोग नमक घिसने लगते हैं




रिश्ते जब रिसने लगते हैं

तो परिजन पिसने लगते हैं


मत दिखलाना घाव किसी को

लोग नमक घिसने लगते हैं




मंगलवार, 21 सितंबर 2010

दूसरे दिन सुबह पता चला तो सुख हुआ




रात को

कुत्तों ने भौंक - भौंक कर नींद ख़राब कर दी,

इस से भलेमानसों को दुःख हुआ


लेकिन

उस
भौंकने से आये हुए चोर भाग गये,

ऐसा दूसरे दिन सुबह पता चला तो सुख हुआ


- विनोबा भावे