मंगलवार, 7 सितंबर 2010

देस की ख़ुशबू बसी है उसके हैप्पी होम में, ओम हैं उसमे बसे और वो बसी है ओम में




सुप्रसिद्ध कवयित्री, कथाकार, उपन्यासकार एवं अभिनेत्री

डॉ सुधा ओम ढींगरा के जन्म दिवस पर

रचित एक आत्मिक रचना



करुणा उसका शाश्वत स्वभाव है

पिता के आदर्शों का गहरा प्रभाव है


सम्वेदना सदैव शोणित में बहती है

सचाई उसके सपनों तक में रहती है


जनेता के आँचल का अनमोल मोती है

ऐसी बेटियां अपनी माँ का प्रतिरूप होती हैं


देस की ख़ुशबू बसी है उसके हैप्पी होम में

ओम हैं उसमे बसे और वो बसी है ओम में


सुख - समृद्धि - स्नेह से सुन्दर सजाये रास्ते

माँ से भी कुछ ज़्यादा माँ है वो विभु के वास्ते


मित्रता में वो कृष्ण से कम नहीं है

वो अगर है संग तो कुछ ग़म नहीं है


सुधा है नाम उसका, वो सुधा ही बांटती है

फूल बिखराती है जग में और कांटे छांटती है


शुभ घड़ी फिर उसके आँगन आज आई

जन्मदिन की 'अलबेला' लिखता बधाई

3 टिप्‍पणियां:

  1. सुधा जी को जन्म दिन की बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ.

    सादर

    समीर लाल


    -शुभकामना रचना सुन्दर है.

    उत्तर देंहटाएं
  2. SUDHA DHINGRA KO AAPKEE SAMARPIT KAVITA LAJWAAB
    HAI.BHAAV MUN SE NIKLE HUE HAIN.MEREE BADHAAEE
    AUR SHUBH KAMNA UN TAK PAHUNCHAAEEYEGA.

    उत्तर देंहटाएं
  3. Adaraneey albela ji,
    sudha ji ke janmdivas par apne bahut hee sundar aur bhavnatmak rachna prastut kee hai.Hardik shubhkamnayen aur badhai.

    उत्तर देंहटाएं