रविवार, 27 दिसंबर 2009

प्यार पपीहे का पावन तप है




प्यार


को


प्यार रहने दो


व्यापार बनाओ




व्यापार बनाते हो


तो


प्यार मत जताओ



क्योंकि प्यार लुटने का सोपान है


और व्यापार लूटने का सामान है



व्यवहार


दोनों का भिन्न है


इसीलिए


दुनिया खिन्न है



क्योंके


उत्साह में कर अत्यन्त


अतिरेक कर देती है


और दो विपरीत धाराओं को


एकमेक कर देती है



प्यार पपीहे का पावन तप है


जबकि व्यापार बगुला जप है



दोनों


कभी और किसी भी कीमत पर


एक नहीं हो सकते



याने


प्यार में व्यापार के इरादे
कभी


नेक नहीं हो सकते



enjoy laughter ke phatke

new year special

performing by

albela khatri & abhijeet sawant

on STAR ONE 31 DEC.10 P.M.




2 टिप्‍पणियां:

  1. प्यार में व्यापार करने वाले के इरादे

    कभी नेक नहीं हो सकते

    bahut achha kaha....

    http://dafaa512.blogspot.com/

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